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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, बुध, 31 अक्टूबर 2029

बुध, 31 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग साध्य और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:06 – दोपहर 1:34 है।

सूर्योदय
सुबह 6:16
सूर्यास्त
शाम 5:57
तिथि
नवमी · तड़के 4:03 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · रात 11:37 तक
योग
साध्य
करण
तैतिल
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:06 – दोपहर 1:34
यमगंड
सुबह 7:43 – सुबह 9:11
गुलिक काल
सुबह 10:39 – दोपहर 12:06
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
अमृत काल
सुबह 9:55 – सुबह 11:23

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आज मैसूर में

बुध, 31 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग साध्य और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 12:06 – दोपहर 1:34 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 1 नवंबर 2029दशमीमघादोपहर 1:34 – दोपहर 3:02
शुक्र, 2 नवंबर 2029एकादशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 10:39 – दोपहर 12:06
शनि, 3 नवंबर 2029द्वादशीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 9:11 – सुबह 10:39
रवि, 4 नवंबर 2029त्रयोदशीहस्तशाम 4:29 – शाम 5:56
सोम, 5 नवंबर 2029चतुर्दशीचित्रासुबह 7:44 – सुबह 9:12
मंगल, 6 नवंबर 2029अमावस्यास्वातीदोपहर 3:01 – शाम 4:28

सामान्य प्रश्न

बुध, 31 अक्टूबर 2029 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; तड़के 4:03 तक।

बुध, 31 अक्टूबर 2029 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 11:37 तक।

बुध, 31 अक्टूबर 2029 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल दोपहर 12:06 – दोपहर 1:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 31 अक्टूबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:16 और सूर्यास्त शाम 5:57 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।