दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, शुक्र, 23 अप्रैल 2032
शुक्र, 23 अप्रैल 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग ध्रुव और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:01 – दोपहर 12:36 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:15
- सूर्यास्त
- शाम 6:58
- तिथि
- त्रयोदशी · रात 7:51 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी · सुबह 8:55 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- कौलव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:01 – दोपहर 12:36
- यमगंड
- दोपहर 3:47 – शाम 5:23
- गुलिक काल
- सुबह 7:50 – सुबह 9:26
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:05 – दोपहर 12:53
- अमृत काल
- दोपहर 1:24 – दोपहर 2:59
आज मुंबई में
शुक्र, 23 अप्रैल 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग ध्रुव और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:01 – दोपहर 12:36 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 24 अप्रैल 2032 | चतुर्दशी | हस्त | सुबह 9:25 – सुबह 11:01 |
| रवि, 25 अप्रैल 2032 | पूर्णिमा | चित्रा | शाम 5:23 – शाम 6:59 |
| सोम, 26 अप्रैल 2032 | प्रतिपदा | स्वाती | सुबह 7:49 – सुबह 9:24 |
| मंगल, 27 अप्रैल 2032 | द्वितीया | विशाखा | दोपहर 3:47 – शाम 5:23 |
| बुध, 28 अप्रैल 2032 | तृतीया | अनुराधा | दोपहर 12:36 – दोपहर 2:12 |
| गुरु, 29 अप्रैल 2032 | चतुर्थी | ज्येष्ठा | दोपहर 2:12 – दोपहर 3:48 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 23 अप्रैल 2032 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 7:51 तक।
शुक्र, 23 अप्रैल 2032 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; सुबह 8:55 तक।
शुक्र, 23 अप्रैल 2032 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 11:01 – दोपहर 12:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 23 अप्रैल 2032 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 6:58 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।