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दैनिक पंचांग

मुंबई पंचांग, गुरु, 15 अप्रैल 2032

गुरु, 15 अप्रैल 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र मृगशिरा, योग सौभाग्य और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:47 है।

सूर्योदय
सुबह 6:21
सूर्यास्त
शाम 6:56
तिथि
षष्ठी · तड़के 5:56 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · दोपहर 3:04 तक
योग
सौभाग्य
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 2:12 – दोपहर 3:47
यमगंड
सुबह 6:21 – सुबह 7:55
गुलिक काल
सुबह 9:29 – सुबह 11:04
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
अमृत काल
सुबह 11:51 – दोपहर 1:25

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आज मुंबई में

गुरु, 15 अप्रैल 2032 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र मृगशिरा, योग सौभाग्य और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मुंबई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 16 अप्रैल 2032षष्ठीआर्द्रासुबह 11:03 – दोपहर 12:38
शनि, 17 अप्रैल 2032सप्तमीपुनर्वसुसुबह 9:28 – सुबह 11:03
रवि, 18 अप्रैल 2032अष्टमीपुष्यशाम 5:22 – शाम 6:56
सोम, 19 अप्रैल 2032नवमीआश्लेषासुबह 7:53 – सुबह 9:27
मंगल, 20 अप्रैल 2032दशमीमघादोपहर 3:47 – शाम 5:22
बुध, 21 अप्रैल 2032एकादशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:37 – दोपहर 2:12

सामान्य प्रश्न

गुरु, 15 अप्रैल 2032 को मुंबई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; तड़के 5:56 तक।

गुरु, 15 अप्रैल 2032 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; दोपहर 3:04 तक।

गुरु, 15 अप्रैल 2032 को मुंबई में राहु काल कब है?

मुंबई में राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 15 अप्रैल 2032 को मुंबई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 6:56 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।