दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, बुध, 24 दिसंबर 2031
बुध, 24 दिसंबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 7:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र भरणी, योग परिघ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:37 – दोपहर 2:00 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:08
- सूर्यास्त
- शाम 6:07
- तिथि
- एकादशी · शाम 4:50 तक
- नक्षत्र
- भरणी · तड़के 5:17 तक
- योग
- परिघ
- करण
- विष्टि
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:37 – दोपहर 2:00
- यमगंड
- सुबह 8:30 – सुबह 9:53
- गुलिक काल
- सुबह 11:15 – दोपहर 12:37
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:10 – दोपहर 12:58
- अमृत काल
- सुबह 10:34 – सुबह 11:56
आज मुंबई में
बुध, 24 दिसंबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 7:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र भरणी, योग परिघ और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:37 – दोपहर 2:00 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 25 दिसंबर 2031 | द्वादशी | कृत्तिका | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:23 |
| शुक्र, 26 दिसंबर 2031 | त्रयोदशी | कृत्तिका | सुबह 11:16 – दोपहर 12:38 |
| शनि, 27 दिसंबर 2031 | चतुर्दशी | रोहिणी | सुबह 9:54 – सुबह 11:16 |
| रवि, 28 दिसंबर 2031 | पूर्णिमा | मृगशिरा | शाम 4:47 – शाम 6:09 |
| सोम, 29 दिसंबर 2031 | प्रतिपदा | आर्द्रा | सुबह 8:32 – सुबह 9:55 |
| मंगल, 30 दिसंबर 2031 | द्वितीया | पुनर्वसु | दोपहर 3:25 – शाम 4:48 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 24 दिसंबर 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; शाम 4:50 तक।
बुध, 24 दिसंबर 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; तड़के 5:17 तक।
बुध, 24 दिसंबर 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 12:37 – दोपहर 2:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 24 दिसंबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:08 और सूर्यास्त शाम 6:07 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।