दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, गुरु, 20 नवंबर 2031
गुरु, 20 नवंबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र श्रवण, योग गण्ड और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:11 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:48
- सूर्यास्त
- शाम 5:59
- तिथि
- षष्ठी · सुबह 11:30 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · रात 12:50 तक
- योग
- गण्ड
- करण
- तैतिल
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:47 – दोपहर 3:11
- यमगंड
- सुबह 6:48 – सुबह 8:12
- गुलिक काल
- सुबह 9:36 – सुबह 11:00
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:55 – दोपहर 12:43
- अमृत काल
- सुबह 11:41 – दोपहर 1:05
आज मुंबई में
गुरु, 20 नवंबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र श्रवण, योग गण्ड और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:11 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 21 नवंबर 2031 | सप्तमी | धनिष्ठा | सुबह 11:00 – दोपहर 12:24 |
| शनि, 22 नवंबर 2031 | अष्टमी | शतभिषा | सुबह 9:37 – सुबह 11:00 |
| रवि, 23 नवंबर 2031 | नवमी | पूर्वा भाद्रपद | शाम 4:35 – शाम 5:59 |
| सोम, 24 नवंबर 2031 | एकादशी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 8:14 – सुबह 9:37 |
| मंगल, 25 नवंबर 2031 | द्वादशी | रेवती | दोपहर 3:12 – शाम 4:35 |
| बुध, 26 नवंबर 2031 | त्रयोदशी | अश्विनी | दोपहर 12:25 – दोपहर 1:48 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 20 नवंबर 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 11:30 तक।
गुरु, 20 नवंबर 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 12:50 तक।
गुरु, 20 नवंबर 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 1:47 – दोपहर 3:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 20 नवंबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:48 और सूर्यास्त शाम 5:59 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।