दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, बुध, 15 अक्टूबर 2031
बुध, 15 अक्टूबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र हस्त, योग ब्रह्म और करण शकुनि है। राहु काल दोपहर 12:24 – दोपहर 1:52 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:32
- सूर्यास्त
- शाम 6:15
- तिथि
- चतुर्दशी · दोपहर 2:14 तक
- नक्षत्र
- हस्त · तड़के 4:32 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- शकुनि
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:24 – दोपहर 1:52
- यमगंड
- सुबह 8:00 – सुबह 9:28
- गुलिक काल
- सुबह 10:56 – दोपहर 12:24
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
- अमृत काल
- सुबह 10:12 – सुबह 11:40
आज मुंबई में
बुध, 15 अक्टूबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:32 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र हस्त, योग ब्रह्म और करण शकुनि है। राहु काल दोपहर 12:24 – दोपहर 1:52 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 16 अक्टूबर 2031 | अमावस्या | चित्रा | दोपहर 1:51 – दोपहर 3:19 |
| शुक्र, 17 अक्टूबर 2031 | प्रतिपदा | स्वाती | सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 |
| शनि, 18 अक्टूबर 2031 | द्वितीया | विशाखा | सुबह 9:28 – सुबह 10:56 |
| रवि, 19 अक्टूबर 2031 | तृतीया | अनुराधा | शाम 4:45 – शाम 6:13 |
| सोम, 20 अक्टूबर 2031 | चतुर्थी | ज्येष्ठा | सुबह 8:01 – सुबह 9:28 |
| मंगल, 21 अक्टूबर 2031 | पंचमी | मूल | दोपहर 3:17 – शाम 4:44 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 15 अक्टूबर 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; दोपहर 2:14 तक।
बुध, 15 अक्टूबर 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; तड़के 4:32 तक।
बुध, 15 अक्टूबर 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 12:24 – दोपहर 1:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 15 अक्टूबर 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:32 और सूर्यास्त शाम 6:15 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।