दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, सोम, 14 जुलाई 2031
सोम, 14 जुलाई 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र भरणी, योग धृति और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:47 – सुबह 9:26 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:08
- सूर्यास्त
- रात 7:19
- तिथि
- दशमी · सुबह 7:33 तक
- नक्षत्र
- भरणी · सुबह 6:32 तक
- योग
- धृति
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 7:47 – सुबह 9:26
- यमगंड
- सुबह 11:05 – दोपहर 12:44
- गुलिक काल
- दोपहर 2:23 – शाम 4:02
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:11 – दोपहर 12:59
- अमृत काल
- सुबह 6:58 – सुबह 8:37
आज मुंबई में
सोम, 14 जुलाई 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र भरणी, योग धृति और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 7:47 – सुबह 9:26 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 15 जुलाई 2031 | एकादशी | कृत्तिका | शाम 4:01 – शाम 5:40 |
| बुध, 16 जुलाई 2031 | द्वादशी | रोहिणी | दोपहर 12:44 – दोपहर 2:23 |
| गुरु, 17 जुलाई 2031 | त्रयोदशी | मृगशिरा | दोपहर 2:23 – शाम 4:01 |
| शुक्र, 18 जुलाई 2031 | चतुर्दशी | आर्द्रा | सुबह 11:06 – दोपहर 12:44 |
| शनि, 19 जुलाई 2031 | अमावस्या | पुनर्वसु | सुबह 9:27 – सुबह 11:06 |
| रवि, 20 जुलाई 2031 | प्रतिपदा | पुष्य | शाम 5:40 – रात 7:18 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 14 जुलाई 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 7:33 तक।
सोम, 14 जुलाई 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; सुबह 6:32 तक।
सोम, 14 जुलाई 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 7:47 – सुबह 9:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 14 जुलाई 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:08 और सूर्यास्त रात 7:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।