दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, मंगल, 1 जुलाई 2031
मंगल, 1 जुलाई 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र विशाखा, योग शिव और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:04
- सूर्यास्त
- रात 7:20
- तिथि
- एकादशी · दोपहर 1:54 तक
- नक्षत्र
- विशाखा · रात 12:24 तक
- योग
- शिव
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- शाम 4:01 – शाम 5:40
- यमगंड
- सुबह 9:23 – सुबह 11:02
- गुलिक काल
- दोपहर 12:42 – दोपहर 2:21
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:09 – दोपहर 12:57
- अमृत काल
- सुबह 8:33 – सुबह 10:13
आज मुंबई में
मंगल, 1 जुलाई 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र विशाखा, योग शिव और करण विष्टि है। राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 2 जुलाई 2031 | द्वादशी | अनुराधा | दोपहर 12:42 – दोपहर 2:21 |
| गुरु, 3 जुलाई 2031 | त्रयोदशी | ज्येष्ठा | दोपहर 2:22 – शाम 4:01 |
| शुक्र, 4 जुलाई 2031 | पूर्णिमा | मूल | सुबह 11:03 – दोपहर 12:42 |
| शनि, 5 जुलाई 2031 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 9:24 – सुबह 11:03 |
| रवि, 6 जुलाई 2031 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | शाम 5:41 – रात 7:20 |
| सोम, 7 जुलाई 2031 | तृतीया | श्रवण | सुबह 7:45 – सुबह 9:24 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 1 जुलाई 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; दोपहर 1:54 तक।
मंगल, 1 जुलाई 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; रात 12:24 तक।
मंगल, 1 जुलाई 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 1 जुलाई 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त रात 7:20 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।