दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, रवि, 22 जून 2031
रवि, 22 जून 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वृद्धि और करण कौलव है। राहु काल शाम 5:39 – रात 7:18 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:02
- सूर्यास्त
- रात 7:18
- तिथि
- द्वितीया · सुबह 8:51 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · दोपहर 3:04 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- कौलव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:39 – रात 7:18
- यमगंड
- दोपहर 12:40 – दोपहर 2:20
- गुलिक काल
- दोपहर 3:59 – शाम 5:39
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- दोपहर 1:30 – दोपहर 3:09
आज मुंबई में
रवि, 22 जून 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:02 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुनर्वसु, योग वृद्धि और करण कौलव है। राहु काल शाम 5:39 – रात 7:18 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 23 जून 2031 | तृतीया | पुष्य | सुबह 7:41 – सुबह 9:21 |
| मंगल, 24 जून 2031 | चतुर्थी | आश्लेषा | शाम 4:00 – शाम 5:39 |
| बुध, 25 जून 2031 | पंचमी | मघा | दोपहर 12:41 – दोपहर 2:20 |
| गुरु, 26 जून 2031 | षष्ठी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 2:20 – शाम 4:00 |
| शुक्र, 27 जून 2031 | सप्तमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 11:01 – दोपहर 12:41 |
| शनि, 28 जून 2031 | अष्टमी | हस्त | सुबह 9:22 – सुबह 11:02 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 22 जून 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; सुबह 8:51 तक।
रवि, 22 जून 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 3:04 तक।
रवि, 22 जून 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल शाम 5:39 – रात 7:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 22 जून 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:02 और सूर्यास्त रात 7:18 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।