दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, गुरु, 8 मई 2031
गुरु, 8 मई 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अनुराधा, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:07
- सूर्यास्त
- रात 7:03
- तिथि
- प्रतिपदा · सुबह 6:20 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · रात 1:25 तक
- योग
- व्यतीपात
- करण
- कौलव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49
- यमगंड
- सुबह 6:07 – सुबह 7:44
- गुलिक काल
- सुबह 9:21 – सुबह 10:58
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:02 – दोपहर 12:50
- अमृत काल
- सुबह 11:46 – दोपहर 1:23
आज मुंबई में
गुरु, 8 मई 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:07 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अनुराधा, योग व्यतीपात और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 9 मई 2031 | तृतीया | ज्येष्ठा | सुबह 10:57 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 10 मई 2031 | चतुर्थी | मूल | सुबह 9:20 – सुबह 10:57 |
| रवि, 11 मई 2031 | पंचमी | पूर्वाषाढ़ा | शाम 5:26 – रात 7:04 |
| सोम, 12 मई 2031 | षष्ठी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 7:42 – सुबह 9:20 |
| मंगल, 13 मई 2031 | सप्तमी | श्रवण | दोपहर 3:49 – शाम 5:27 |
| बुध, 14 मई 2031 | अष्टमी | धनिष्ठा | दोपहर 12:34 – दोपहर 2:12 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 8 मई 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 6:20 तक।
गुरु, 8 मई 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; रात 1:25 तक।
गुरु, 8 मई 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 8 मई 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:07 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।