दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, मंगल, 21 जनवरी 2031
मंगल, 21 जनवरी 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 7:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मूल, योग ध्रुव और करण गर है। राहु काल दोपहर 3:37 – शाम 5:01 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:14
- सूर्यास्त
- शाम 6:24
- तिथि
- त्रयोदशी · शाम 4:56 तक
- नक्षत्र
- मूल · शाम 5:35 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- गर
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:37 – शाम 5:01
- यमगंड
- सुबह 10:02 – सुबह 11:25
- गुलिक काल
- दोपहर 12:49 – दोपहर 2:13
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:21 – दोपहर 1:09
- अमृत काल
- सुबह 9:20 – सुबह 10:44
आज मुंबई में
मंगल, 21 जनवरी 2031 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 7:14 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र मूल, योग ध्रुव और करण गर है। राहु काल दोपहर 3:37 – शाम 5:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 22 जनवरी 2031 | चतुर्दशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:50 – दोपहर 2:13 |
| गुरु, 23 जनवरी 2031 | अमावस्या | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 2:14 – दोपहर 3:38 |
| शुक्र, 24 जनवरी 2031 | प्रतिपदा | श्रवण | सुबह 11:26 – दोपहर 12:50 |
| शनि, 25 जनवरी 2031 | तृतीया | धनिष्ठा | सुबह 10:02 – सुबह 11:26 |
| रवि, 26 जनवरी 2031 | चतुर्थी | शतभिषा | शाम 5:03 – शाम 6:27 |
| सोम, 27 जनवरी 2031 | पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 8:38 – सुबह 10:02 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 21 जनवरी 2031 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; शाम 4:56 तक।
मंगल, 21 जनवरी 2031 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; शाम 5:35 तक।
मंगल, 21 जनवरी 2031 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 3:37 – शाम 5:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 21 जनवरी 2031 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:14 और सूर्यास्त शाम 6:24 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।