दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, शुक्र, 22 नवंबर 2030
शुक्र, 22 नवंबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:49 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र हस्त, योग विष्कम्भ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:24 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:49
- सूर्यास्त
- शाम 5:59
- तिथि
- द्वादशी · रात 9:56 तक
- नक्षत्र
- हस्त · सुबह 10:34 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- कौलव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:00 – दोपहर 12:24
- यमगंड
- दोपहर 3:11 – शाम 4:35
- गुलिक काल
- सुबह 8:13 – सुबह 9:37
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:56 – दोपहर 12:44
- अमृत काल
- दोपहर 1:06 – दोपहर 2:29
आज मुंबई में
शुक्र, 22 नवंबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:49 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र हस्त, योग विष्कम्भ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:24 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 23 नवंबर 2030 | त्रयोदशी | चित्रा | सुबह 9:37 – सुबह 11:01 |
| रवि, 24 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | स्वाती | शाम 4:35 – शाम 5:59 |
| सोम, 25 नवंबर 2030 | अमावस्या | अनुराधा | सुबह 8:15 – सुबह 9:38 |
| मंगल, 26 नवंबर 2030 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | दोपहर 3:12 – शाम 4:35 |
| बुध, 27 नवंबर 2030 | तृतीया | मूल | दोपहर 12:25 – दोपहर 1:49 |
| गुरु, 28 नवंबर 2030 | चतुर्थी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:49 – दोपहर 3:12 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 22 नवंबर 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 9:56 तक।
शुक्र, 22 नवंबर 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; सुबह 10:34 तक।
शुक्र, 22 नवंबर 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 22 नवंबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:49 और सूर्यास्त शाम 5:59 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।