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दैनिक पंचांग

मुंबई पंचांग, शुक्र, 18 अक्टूबर 2030

शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग वरीयान और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 है।

सूर्योदय
सुबह 6:33
सूर्यास्त
शाम 6:13
तिथि
सप्तमी · सुबह 7:19 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · रात 8:25 तक
योग
वरीयान
करण
विष्टि
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:56 – दोपहर 12:23
यमगंड
दोपहर 3:18 – शाम 4:46
गुलिक काल
सुबह 8:01 – सुबह 9:28
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 – दोपहर 12:42
अमृत काल
दोपहर 1:07 – दोपहर 2:34

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आज मुंबई में

शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र आर्द्रा, योग वरीयान और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मुंबई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 19 अक्टूबर 2030सप्तमीपुनर्वसुसुबह 9:28 – सुबह 10:55
रवि, 20 अक्टूबर 2030अष्टमीपुष्यशाम 4:44 – शाम 6:12
सोम, 21 अक्टूबर 2030नवमीआश्लेषासुबह 8:01 – सुबह 9:28
मंगल, 22 अक्टूबर 2030दशमीमघादोपहर 3:16 – शाम 4:43
बुध, 23 अक्टूबर 2030एकादशीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:22 – दोपहर 1:49
गुरु, 24 अक्टूबर 2030द्वादशीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 1:49 – दोपहर 3:16

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; सुबह 7:19 तक।

शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; रात 8:25 तक।

शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?

मुंबई में राहु काल सुबह 10:56 – दोपहर 12:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 18 अक्टूबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:33 और सूर्यास्त शाम 6:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।