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दैनिक पंचांग

मुंबई पंचांग, बुध, 11 सितंबर 2030

बुध, 11 सितंबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र शतभिषा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 2:07 है।

सूर्योदय
सुबह 6:25
सूर्यास्त
शाम 6:44
तिथि
पूर्णिमा · रात 2:48 तक
नक्षत्र
शतभिषा · शाम 6:00 तक
योग
सुकर्मा
करण
विष्टि
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:35 – दोपहर 2:07
यमगंड
सुबह 7:57 – सुबह 9:30
गुलिक काल
सुबह 11:02 – दोपहर 12:35
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:04 – दोपहर 12:52
अमृत काल
सुबह 10:16 – सुबह 11:48

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आज मुंबई में

बुध, 11 सितंबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र शतभिषा, योग सुकर्मा और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 2:07 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मुंबई – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 12 सितंबर 2030प्रतिपदापूर्वा भाद्रपददोपहर 2:06 – दोपहर 3:39
शुक्र, 13 सितंबर 2030द्वितीयाउत्तरा भाद्रपदसुबह 11:02 – दोपहर 12:34
शनि, 14 सितंबर 2030तृतीयारेवतीसुबह 9:29 – सुबह 11:01
रवि, 15 सितंबर 2030चतुर्थीअश्विनीशाम 5:09 – शाम 6:41
सोम, 16 सितंबर 2030पंचमीभरणीसुबह 7:57 – सुबह 9:29
मंगल, 17 सितंबर 2030पंचमीकृत्तिकादोपहर 3:36 – शाम 5:07

सामान्य प्रश्न

बुध, 11 सितंबर 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 2:48 तक।

बुध, 11 सितंबर 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; शाम 6:00 तक।

बुध, 11 सितंबर 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?

मुंबई में राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 2:07 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 11 सितंबर 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 6:44 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।