दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, शुक्र, 30 अगस्त 2030
शुक्र, 30 अगस्त 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शिव और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:05 – दोपहर 12:39 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:23
- सूर्यास्त
- शाम 6:54
- तिथि
- द्वितीया · रात 2:13 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनी · सुबह 7:44 तक
- योग
- शिव
- करण
- बालव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:05 – दोपहर 12:39
- यमगंड
- दोपहर 3:47 – शाम 5:21
- गुलिक काल
- सुबह 7:57 – सुबह 9:31
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- दोपहर 1:26 – दोपहर 3:00
आज मुंबई में
शुक्र, 30 अगस्त 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शिव और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:05 – दोपहर 12:39 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 31 अगस्त 2030 | तृतीया | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 9:31 – सुबह 11:04 |
| रवि, 1 सितंबर 2030 | चतुर्थी | हस्त | शाम 5:19 – शाम 6:53 |
| सोम, 2 सितंबर 2030 | पंचमी | स्वाती | सुबह 7:57 – सुबह 9:30 |
| मंगल, 3 सितंबर 2030 | षष्ठी | विशाखा | दोपहर 3:44 – शाम 5:18 |
| बुध, 4 सितंबर 2030 | सप्तमी | अनुराधा | दोपहर 12:37 – दोपहर 2:10 |
| गुरु, 5 सितंबर 2030 | अष्टमी | ज्येष्ठा | दोपहर 2:10 – दोपहर 3:43 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 30 अगस्त 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 2:13 तक।
शुक्र, 30 अगस्त 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; सुबह 7:44 तक।
शुक्र, 30 अगस्त 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 11:05 – दोपहर 12:39 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 30 अगस्त 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:23 और सूर्यास्त शाम 6:54 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।