दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, मंगल, 16 जुलाई 2030
मंगल, 16 जुलाई 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र श्रवण, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:09
- सूर्यास्त
- रात 7:19
- तिथि
- द्वितीया · रात 2:29 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · रात 1:11 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- तैतिल
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- शाम 4:01 – शाम 5:40
- यमगंड
- सुबह 9:27 – सुबह 11:05
- गुलिक काल
- दोपहर 12:44 – दोपहर 2:23
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:11 – दोपहर 12:59
- अमृत काल
- सुबह 8:37 – सुबह 10:16
आज मुंबई में
मंगल, 16 जुलाई 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:09 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र श्रवण, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 17 जुलाई 2030 | तृतीया | धनिष्ठा | दोपहर 12:44 – दोपहर 2:23 |
| गुरु, 18 जुलाई 2030 | चतुर्थी | शतभिषा | दोपहर 2:23 – शाम 4:01 |
| शुक्र, 19 जुलाई 2030 | पंचमी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 11:06 – दोपहर 12:44 |
| शनि, 20 जुलाई 2030 | षष्ठी | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 9:27 – सुबह 11:06 |
| रवि, 21 जुलाई 2030 | सप्तमी | रेवती | शाम 5:39 – रात 7:18 |
| सोम, 22 जुलाई 2030 | अष्टमी | अश्विनी | सुबह 7:50 – सुबह 9:28 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 16 जुलाई 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 2:29 तक।
मंगल, 16 जुलाई 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 1:11 तक।
मंगल, 16 जुलाई 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल शाम 4:01 – शाम 5:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 16 जुलाई 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:09 और सूर्यास्त रात 7:19 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।