दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, शुक्र, 21 जून 2030
शुक्र, 21 जून 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र शतभिषा, योग विष्कम्भ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:40 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:01
- सूर्यास्त
- रात 7:18
- तिथि
- षष्ठी · सुबह 10:22 तक
- नक्षत्र
- शतभिषा · दोपहर 2:45 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- वणिज
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:00 – दोपहर 12:40
- यमगंड
- दोपहर 3:59 – शाम 5:39
- गुलिक काल
- सुबह 7:41 – सुबह 9:21
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:07 – दोपहर 12:55
- अमृत काल
- दोपहर 1:30 – दोपहर 3:09
आज मुंबई में
शुक्र, 21 जून 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र शतभिषा, योग विष्कम्भ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 22 जून 2030 | सप्तमी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:21 – सुबह 11:00 |
| रवि, 23 जून 2030 | अष्टमी | उत्तरा भाद्रपद | शाम 5:39 – रात 7:19 |
| सोम, 24 जून 2030 | नवमी | रेवती | सुबह 7:42 – सुबह 9:21 |
| मंगल, 25 जून 2030 | दशमी | अश्विनी | शाम 4:00 – शाम 5:39 |
| बुध, 26 जून 2030 | एकादशी | भरणी | दोपहर 12:41 – दोपहर 2:20 |
| गुरु, 27 जून 2030 | द्वादशी | कृत्तिका | दोपहर 2:21 – शाम 4:00 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 21 जून 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; सुबह 10:22 तक।
शुक्र, 21 जून 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; दोपहर 2:45 तक।
शुक्र, 21 जून 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 11:00 – दोपहर 12:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 21 जून 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त रात 7:18 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।