दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, बुध, 8 मई 2030
बुध, 8 मई 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सुकर्मा और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 2:12 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:06
- सूर्यास्त
- रात 7:03
- तिथि
- पंचमी · सुबह 8:00 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · रात 3:45 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- बालव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:35 – दोपहर 2:12
- यमगंड
- सुबह 7:44 – सुबह 9:21
- गुलिक काल
- सुबह 10:58 – दोपहर 12:35
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:02 – दोपहर 12:50
- अमृत काल
- सुबह 10:09 – सुबह 11:46
आज मुंबई में
बुध, 8 मई 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सुकर्मा और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 2:12 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 9 मई 2030 | षष्ठी | पुष्य | दोपहर 2:12 – दोपहर 3:49 |
| शुक्र, 10 मई 2030 | सप्तमी | आश्लेषा | सुबह 10:57 – दोपहर 12:35 |
| शनि, 11 मई 2030 | अष्टमी | आश्लेषा | सुबह 9:20 – सुबह 10:57 |
| रवि, 12 मई 2030 | नवमी | मघा | शाम 5:27 – रात 7:04 |
| सोम, 13 मई 2030 | दशमी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:42 – सुबह 9:19 |
| मंगल, 14 मई 2030 | एकादशी | हस्त | दोपहर 3:50 – शाम 5:27 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 8 मई 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 8:00 तक।
बुध, 8 मई 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; रात 3:45 तक।
बुध, 8 मई 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 12:35 – दोपहर 2:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 8 मई 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।