दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, शुक्र, 15 मार्च 2030
शुक्र, 15 मार्च 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल सुबह 11:17 – दोपहर 12:47 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:47
- सूर्यास्त
- शाम 6:48
- तिथि
- दशमी · सुबह 6:07 तक
- नक्षत्र
- पुनर्वसु · दोपहर 12:01 तक
- योग
- सौभाग्य
- करण
- गर
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 11:17 – दोपहर 12:47
- यमगंड
- दोपहर 3:47 – शाम 5:17
- गुलिक काल
- सुबह 8:17 – सुबह 9:47
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:17 – दोपहर 1:05
- अमृत काल
- दोपहर 1:32 – दोपहर 3:02
आज मुंबई में
शुक्र, 15 मार्च 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल सुबह 11:17 – दोपहर 12:47 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 16 मार्च 2030 | एकादशी | पुष्य | सुबह 9:46 – सुबह 11:17 |
| रवि, 17 मार्च 2030 | द्वादशी | आश्लेषा | शाम 5:18 – शाम 6:48 |
| सोम, 18 मार्च 2030 | चतुर्दशी | मघा | सुबह 8:15 – सुबह 9:45 |
| मंगल, 19 मार्च 2030 | पूर्णिमा | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 3:47 – शाम 5:18 |
| बुध, 20 मार्च 2030 | प्रतिपदा | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 12:46 – दोपहर 2:16 |
| गुरु, 21 मार्च 2030 | द्वितीया | हस्त | दोपहर 2:16 – दोपहर 3:47 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 15 मार्च 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 6:07 तक।
शुक्र, 15 मार्च 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुनर्वसु है; दोपहर 12:01 तक।
शुक्र, 15 मार्च 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल सुबह 11:17 – दोपहर 12:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 15 मार्च 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:47 और सूर्यास्त शाम 6:48 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।