दैनिक पंचांग
मुंबई पंचांग, मंगल, 12 फ़रवरी 2030
मंगल, 12 फ़रवरी 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 7:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र रोहिणी, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:44 – शाम 5:11 है।
- सूर्योदय
- सुबह 7:08
- सूर्यास्त
- शाम 6:37
- तिथि
- नवमी · सुबह 9:11 तक
- नक्षत्र
- रोहिणी · रात 9:30 तक
- योग
- ब्रह्म
- करण
- कौलव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:44 – शाम 5:11
- यमगंड
- सुबह 10:00 – सुबह 11:26
- गुलिक काल
- दोपहर 12:52 – दोपहर 2:18
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:24 – दोपहर 1:12
- अमृत काल
- सुबह 9:17 – सुबह 10:43
आज मुंबई में
मंगल, 12 फ़रवरी 2030 को मुंबई में सूर्योदय सुबह 7:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र रोहिणी, योग ब्रह्म और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:44 – शाम 5:11 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मुंबई के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 13 फ़रवरी 2030 | दशमी | मृगशिरा | दोपहर 12:52 – दोपहर 2:18 |
| गुरु, 14 फ़रवरी 2030 | एकादशी | आर्द्रा | दोपहर 2:19 – दोपहर 3:45 |
| शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 | द्वादशी | पुनर्वसु | सुबह 11:26 – दोपहर 12:52 |
| शनि, 16 फ़रवरी 2030 | त्रयोदशी | पुष्य | सुबह 9:59 – सुबह 11:26 |
| रवि, 17 फ़रवरी 2030 | चतुर्दशी | आश्लेषा | शाम 5:12 – शाम 6:39 |
| सोम, 18 फ़रवरी 2030 | पूर्णिमा | मघा | सुबह 8:32 – सुबह 9:58 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 12 फ़रवरी 2030 को मुंबई में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; सुबह 9:11 तक।
मंगल, 12 फ़रवरी 2030 को मुंबई में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 9:30 तक।
मंगल, 12 फ़रवरी 2030 को मुंबई में राहु काल कब है?
मुंबई में राहु काल दोपहर 3:44 – शाम 5:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 12 फ़रवरी 2030 को मुंबई में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 7:08 और सूर्यास्त शाम 6:37 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।