दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, शुक्र, 2 जुलाई 2032
शुक्र, 2 जुलाई 2032 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र अश्विनी, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:46 – दोपहर 12:21 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:00
- सूर्यास्त
- शाम 6:42
- तिथि
- दशमी · शाम 5:05 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी · सुबह 10:44 तक
- योग
- अतिगण्ड
- करण
- विष्टि
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:46 – दोपहर 12:21
- यमगंड
- दोपहर 3:32 – शाम 5:07
- गुलिक काल
- सुबह 7:36 – सुबह 9:11
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
- अमृत काल
- दोपहर 1:09 – दोपहर 2:44
आज मदुरै में
शुक्र, 2 जुलाई 2032 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र अश्विनी, योग अतिगण्ड और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 10:46 – दोपहर 12:21 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 3 जुलाई 2032 | एकादशी | भरणी | सुबह 9:11 – सुबह 10:46 |
| रवि, 4 जुलाई 2032 | द्वादशी | कृत्तिका | शाम 5:07 – शाम 6:42 |
| सोम, 5 जुलाई 2032 | त्रयोदशी | रोहिणी | सुबह 7:36 – सुबह 9:11 |
| मंगल, 6 जुलाई 2032 | चतुर्दशी | मृगशिरा | दोपहर 3:32 – शाम 5:07 |
| बुध, 7 जुलाई 2032 | अमावस्या | आर्द्रा | दोपहर 12:22 – दोपहर 1:57 |
| गुरु, 8 जुलाई 2032 | प्रतिपदा | पुनर्वसु | दोपहर 1:57 – दोपहर 3:32 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 2 जुलाई 2032 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; शाम 5:05 तक।
शुक्र, 2 जुलाई 2032 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; सुबह 10:44 तक।
शुक्र, 2 जुलाई 2032 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 10:46 – दोपहर 12:21 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 2 जुलाई 2032 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।