दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, गुरु, 15 जनवरी 2032
गुरु, 15 जनवरी 2032 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र धनिष्ठा, योग वज्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:53 – दोपहर 3:20 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:38
- सूर्यास्त
- शाम 6:14
- तिथि
- तृतीया · दोपहर 2:24 तक
- नक्षत्र
- धनिष्ठा · दोपहर 2:45 तक
- योग
- वज्र
- करण
- गर
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:53 – दोपहर 3:20
- यमगंड
- सुबह 6:38 – सुबह 8:05
- गुलिक काल
- सुबह 9:32 – सुबह 10:59
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
- अमृत काल
- सुबह 11:43 – दोपहर 1:10
आज मदुरै में
गुरु, 15 जनवरी 2032 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र धनिष्ठा, योग वज्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:53 – दोपहर 3:20 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 16 जनवरी 2032 | चतुर्थी | शतभिषा | सुबह 10:59 – दोपहर 12:27 |
| शनि, 17 जनवरी 2032 | पंचमी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 9:33 – सुबह 11:00 |
| रवि, 18 जनवरी 2032 | षष्ठी | उत्तरा भाद्रपद | शाम 4:49 – शाम 6:16 |
| सोम, 19 जनवरी 2032 | सप्तमी | रेवती | सुबह 8:06 – सुबह 9:33 |
| मंगल, 20 जनवरी 2032 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 3:22 – शाम 4:50 |
| बुध, 21 जनवरी 2032 | नवमी | भरणी | दोपहर 12:28 – दोपहर 1:55 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 15 जनवरी 2032 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; दोपहर 2:24 तक।
गुरु, 15 जनवरी 2032 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; दोपहर 2:45 तक।
गुरु, 15 जनवरी 2032 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल दोपहर 1:53 – दोपहर 3:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 15 जनवरी 2032 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।