दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, गुरु, 25 दिसंबर 2031
गुरु, 25 दिसंबर 2031 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शिव और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:43 – दोपहर 3:10 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:30
- सूर्यास्त
- शाम 6:03
- तिथि
- द्वादशी · शाम 5:50 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · सुबह 7:01 तक
- योग
- शिव
- करण
- बालव
- वार
- गुरुवार
- राहु काल
- दोपहर 1:43 – दोपहर 3:10
- यमगंड
- सुबह 6:30 – सुबह 7:57
- गुलिक काल
- सुबह 9:24 – सुबह 10:50
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- अमृत काल
- सुबह 11:34 – दोपहर 1:00
आज मदुरै में
गुरु, 25 दिसंबर 2031 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शिव और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:43 – दोपहर 3:10 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र, 26 दिसंबर 2031 | त्रयोदशी | कृत्तिका | सुबह 10:51 – दोपहर 12:17 |
| शनि, 27 दिसंबर 2031 | चतुर्दशी | रोहिणी | सुबह 9:25 – सुबह 10:51 |
| रवि, 28 दिसंबर 2031 | पूर्णिमा | मृगशिरा | शाम 4:38 – शाम 6:05 |
| सोम, 29 दिसंबर 2031 | प्रतिपदा | आर्द्रा | सुबह 7:59 – सुबह 9:26 |
| मंगल, 30 दिसंबर 2031 | द्वितीया | पुनर्वसु | दोपहर 3:13 – शाम 4:39 |
| बुध, 31 दिसंबर 2031 | तृतीया | पुष्य | दोपहर 12:20 – दोपहर 1:46 |
सामान्य प्रश्न
गुरु, 25 दिसंबर 2031 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; शाम 5:50 तक।
गुरु, 25 दिसंबर 2031 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; सुबह 7:01 तक।
गुरु, 25 दिसंबर 2031 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल दोपहर 1:43 – दोपहर 3:10 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरु, 25 दिसंबर 2031 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:30 और सूर्यास्त शाम 6:03 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।