दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, शनि, 31 मई 2031
शनि, 31 मई 2031 को मदुरै में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग हर्षण और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:40 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:55
- सूर्यास्त
- शाम 6:35
- तिथि
- नवमी · तड़के 5:43 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी · शाम 6:24 तक
- योग
- हर्षण
- करण
- कौलव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:05 – सुबह 10:40
- यमगंड
- दोपहर 1:50 – दोपहर 3:25
- गुलिक काल
- तड़के 5:55 – सुबह 7:30
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
- अमृत काल
- दोपहर 2:37 – शाम 4:12
आज मदुरै में
शनि, 31 मई 2031 को मदुरै में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग हर्षण और करण कौलव है। राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:40 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 जून 2031 | एकादशी | हस्त | शाम 5:00 – शाम 6:35 |
| सोम, 2 जून 2031 | द्वादशी | चित्रा | सुबह 7:30 – सुबह 9:05 |
| मंगल, 3 जून 2031 | त्रयोदशी | स्वाती | दोपहर 3:25 – शाम 5:00 |
| बुध, 4 जून 2031 | चतुर्दशी | विशाखा | दोपहर 12:15 – दोपहर 1:50 |
| गुरु, 5 जून 2031 | पूर्णिमा | अनुराधा | दोपहर 1:51 – दोपहर 3:26 |
| शुक्र, 6 जून 2031 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | सुबह 10:41 – दोपहर 12:16 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 31 मई 2031 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; तड़के 5:43 तक।
शनि, 31 मई 2031 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; शाम 6:24 तक।
शनि, 31 मई 2031 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:40 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 31 मई 2031 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:55 और सूर्यास्त शाम 6:35 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।