दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, शुक्र, 28 मार्च 2031
शुक्र, 28 मार्च 2031 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:51 – दोपहर 12:22 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:17
- सूर्यास्त
- शाम 6:28
- तिथि
- पंचमी · सुबह 11:55 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · तड़के 5:45 तक
- योग
- विष्कम्भ
- करण
- बालव
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:51 – दोपहर 12:22
- यमगंड
- दोपहर 3:25 – शाम 4:56
- गुलिक काल
- सुबह 7:48 – सुबह 9:20
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
- अमृत काल
- दोपहर 1:08 – दोपहर 2:39
आज मदुरै में
शुक्र, 28 मार्च 2031 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:17 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग विष्कम्भ और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:51 – दोपहर 12:22 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 29 मार्च 2031 | षष्ठी | रोहिणी | सुबह 9:19 – सुबह 10:51 |
| रवि, 30 मार्च 2031 | सप्तमी | मृगशिरा | शाम 4:56 – शाम 6:28 |
| सोम, 31 मार्च 2031 | अष्टमी | आर्द्रा | सुबह 7:47 – सुबह 9:18 |
| मंगल, 1 अप्रैल 2031 | नवमी | पुनर्वसु | दोपहर 3:24 – शाम 4:56 |
| बुध, 2 अप्रैल 2031 | दशमी | पुष्य | दोपहर 12:21 – दोपहर 1:52 |
| गुरु, 3 अप्रैल 2031 | एकादशी | आश्लेषा | दोपहर 1:52 – दोपहर 3:24 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 28 मार्च 2031 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 11:55 तक।
शुक्र, 28 मार्च 2031 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; तड़के 5:45 तक।
शुक्र, 28 मार्च 2031 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 10:51 – दोपहर 12:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 28 मार्च 2031 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:17 और सूर्यास्त शाम 6:28 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।