दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, शनि, 23 नवंबर 2030
शनि, 23 नवंबर 2030 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र चित्रा, योग आयुष्मान और करण गर है। राहु काल सुबह 9:09 – सुबह 10:36 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:15
- सूर्यास्त
- शाम 5:52
- तिथि
- त्रयोदशी · रात 7:05 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · सुबह 8:45 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:09 – सुबह 10:36
- यमगंड
- दोपहर 1:30 – दोपहर 2:58
- गुलिक काल
- सुबह 6:15 – सुबह 7:42
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
- अमृत काल
- दोपहर 2:14 – दोपहर 3:41
आज मदुरै में
शनि, 23 नवंबर 2030 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र चित्रा, योग आयुष्मान और करण गर है। राहु काल सुबह 9:09 – सुबह 10:36 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 24 नवंबर 2030 | चतुर्दशी | स्वाती | शाम 4:25 – शाम 5:52 |
| सोम, 25 नवंबर 2030 | अमावस्या | अनुराधा | सुबह 7:43 – सुबह 9:10 |
| मंगल, 26 नवंबर 2030 | प्रतिपदा | ज्येष्ठा | दोपहर 2:58 – शाम 4:25 |
| बुध, 27 नवंबर 2030 | तृतीया | मूल | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:32 |
| गुरु, 28 नवंबर 2030 | चतुर्थी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 1:32 – दोपहर 2:59 |
| शुक्र, 29 नवंबर 2030 | पंचमी | उत्तराषाढ़ा | सुबह 10:38 – दोपहर 12:05 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 23 नवंबर 2030 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 7:05 तक।
शनि, 23 नवंबर 2030 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; सुबह 8:45 तक।
शनि, 23 नवंबर 2030 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 9:09 – सुबह 10:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 23 नवंबर 2030 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 5:52 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।