दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, सोम, 11 फ़रवरी 2030
सोम, 11 फ़रवरी 2030 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल सुबह 8:06 – सुबह 9:35 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:38
- सूर्यास्त
- शाम 6:25
- तिथि
- अष्टमी · सुबह 6:39 तक
- नक्षत्र
- कृत्तिका · शाम 6:41 तक
- योग
- शुक्ल
- करण
- बव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 8:06 – सुबह 9:35
- यमगंड
- सुबह 11:03 – दोपहर 12:31
- गुलिक काल
- दोपहर 2:00 – दोपहर 3:28
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:02 – दोपहर 12:50
- अमृत काल
- सुबह 7:22 – सुबह 8:50
आज मदुरै में
सोम, 11 फ़रवरी 2030 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:38 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र कृत्तिका, योग शुक्ल और करण बव है। राहु काल सुबह 8:06 – सुबह 9:35 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 12 फ़रवरी 2030 | नवमी | रोहिणी | दोपहर 3:28 – शाम 4:57 |
| बुध, 13 फ़रवरी 2030 | दशमी | मृगशिरा | दोपहर 12:31 – दोपहर 2:00 |
| गुरु, 14 फ़रवरी 2030 | एकादशी | आर्द्रा | दोपहर 2:00 – दोपहर 3:28 |
| शुक्र, 15 फ़रवरी 2030 | द्वादशी | पुनर्वसु | सुबह 11:03 – दोपहर 12:31 |
| शनि, 16 फ़रवरी 2030 | त्रयोदशी | पुष्य | सुबह 9:34 – सुबह 11:02 |
| रवि, 17 फ़रवरी 2030 | चतुर्दशी | आश्लेषा | शाम 4:57 – शाम 6:26 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 11 फ़रवरी 2030 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 6:39 तक।
सोम, 11 फ़रवरी 2030 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; शाम 6:41 तक।
सोम, 11 फ़रवरी 2030 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 8:06 – सुबह 9:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 11 फ़रवरी 2030 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:38 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।