दैनिक पंचांग
मदुरै पंचांग, शनि, 26 जनवरी 2030
शनि, 26 जनवरी 2030 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:39 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र चित्रा, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल सुबह 9:35 – सुबह 11:02 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:39
- सूर्यास्त
- शाम 6:20
- तिथि
- सप्तमी · दोपहर 12:45 तक
- नक्षत्र
- चित्रा · दोपहर 1:43 तक
- योग
- सुकर्मा
- करण
- बव
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 9:35 – सुबह 11:02
- यमगंड
- दोपहर 1:57 – दोपहर 3:25
- गुलिक काल
- सुबह 6:39 – सुबह 8:07
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:00 – दोपहर 12:48
- अमृत काल
- दोपहर 2:41 – शाम 4:08
आज मदुरै में
शनि, 26 जनवरी 2030 को मदुरै में सूर्योदय सुबह 6:39 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र चित्रा, योग सुकर्मा और करण बव है। राहु काल सुबह 9:35 – सुबह 11:02 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मदुरै के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 27 जनवरी 2030 | अष्टमी | स्वाती | शाम 4:52 – शाम 6:20 |
| सोम, 28 जनवरी 2030 | नवमी | विशाखा | सुबह 8:07 – सुबह 9:35 |
| मंगल, 29 जनवरी 2030 | दशमी | अनुराधा | दोपहर 3:25 – शाम 4:53 |
| बुध, 30 जनवरी 2030 | द्वादशी | ज्येष्ठा | दोपहर 12:30 – दोपहर 1:58 |
| गुरु, 31 जनवरी 2030 | त्रयोदशी | मूल | दोपहर 1:58 – दोपहर 3:26 |
| शुक्र, 1 फ़रवरी 2030 | चतुर्दशी | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 11:03 – दोपहर 12:31 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 26 जनवरी 2030 को मदुरै में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; दोपहर 12:45 तक।
शनि, 26 जनवरी 2030 को मदुरै में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; दोपहर 1:43 तक।
शनि, 26 जनवरी 2030 को मदुरै में राहु काल कब है?
मदुरै में राहु काल सुबह 9:35 – सुबह 11:02 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 26 जनवरी 2030 को मदुरै में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:39 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।