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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, मंगल, 30 नवंबर 2032

मंगल, 30 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र स्वाती, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:33 – दोपहर 3:53 है।

सूर्योदय
सुबह 6:37
सूर्यास्त
शाम 5:12
तिथि
त्रयोदशी · रात 2:47 तक
नक्षत्र
स्वाती · रात 1:05 तक
योग
सौभाग्य
करण
गर
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:33 – दोपहर 3:53
यमगंड
सुबह 9:16 – सुबह 10:35
गुलिक काल
सुबह 11:54 – दोपहर 1:14
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
सुबह 8:36 – सुबह 9:55

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आज लखनऊ में

मंगल, 30 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र स्वाती, योग सौभाग्य और करण गर है। राहु काल दोपहर 2:33 – दोपहर 3:53 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 1 दिसंबर 2032चतुर्दशीविशाखासुबह 11:55 – दोपहर 1:14
गुरु, 2 दिसंबर 2032अमावस्याअनुराधादोपहर 1:14 – दोपहर 2:34
शुक्र, 3 दिसंबर 2032प्रतिपदाज्येष्ठासुबह 10:36 – सुबह 11:56
शनि, 4 दिसंबर 2032द्वितीयामूलसुबह 9:18 – सुबह 10:37
रवि, 5 दिसंबर 2032तृतीयापूर्वाषाढ़ादोपहर 3:53 – शाम 5:12
सोम, 6 दिसंबर 2032चतुर्थीउत्तराषाढ़ासुबह 8:00 – सुबह 9:19

सामान्य प्रश्न

मंगल, 30 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 2:47 तक।

मंगल, 30 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; रात 1:05 तक।

मंगल, 30 नवंबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 2:33 – दोपहर 3:53 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 30 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:37 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।