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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, बुध, 17 नवंबर 2032

बुध, 17 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र कृत्तिका, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 11:51 – दोपहर 1:11 है।

सूर्योदय
सुबह 6:27
सूर्यास्त
शाम 5:14
तिथि
पूर्णिमा · दोपहर 12:12 तक
नक्षत्र
कृत्तिका · रात 3:34 तक
योग
व्यतीपात
करण
बव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:51 – दोपहर 1:11
यमगंड
सुबह 7:48 – सुबह 9:09
गुलिक काल
सुबह 10:30 – सुबह 11:51
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:24 – दोपहर 12:12
अमृत काल
सुबह 9:49 – सुबह 11:10

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आज लखनऊ में

बुध, 17 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र कृत्तिका, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 11:51 – दोपहर 1:11 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 18 नवंबर 2032प्रतिपदारोहिणीदोपहर 1:12 – दोपहर 2:32
शुक्र, 19 नवंबर 2032द्वितीयामृगशिरासुबह 10:30 – सुबह 11:51
शनि, 20 नवंबर 2032तृतीयाआर्द्रासुबह 9:10 – सुबह 10:31
रवि, 21 नवंबर 2032चतुर्थीपुनर्वसुदोपहर 3:53 – शाम 5:13
सोम, 22 नवंबर 2032पंचमीपुनर्वसुसुबह 7:51 – सुबह 9:11
मंगल, 23 नवंबर 2032षष्ठीपुष्यदोपहर 2:32 – दोपहर 3:52

सामान्य प्रश्न

बुध, 17 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; दोपहर 12:12 तक।

बुध, 17 नवंबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र कृत्तिका है; रात 3:34 तक।

बुध, 17 नवंबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 11:51 – दोपहर 1:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 17 नवंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।