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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 16 अक्टूबर 2032

शनि, 16 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग गण्ड और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:58 – सुबह 10:25 है।

सूर्योदय
सुबह 6:06
सूर्यास्त
शाम 5:36
तिथि
द्वादशी · सुबह 9:49 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · रात 2:27 तक
योग
गण्ड
करण
बालव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:58 – सुबह 10:25
यमगंड
दोपहर 1:17 – दोपहर 2:44
गुलिक काल
सुबह 6:06 – सुबह 7:32
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
अमृत काल
दोपहर 2:00 – दोपहर 3:27

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आज लखनऊ में

शनि, 16 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग गण्ड और करण बालव है। राहु काल सुबह 8:58 – सुबह 10:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 17 अक्टूबर 2032त्रयोदशीउत्तरा भाद्रपदशाम 4:09 – शाम 5:35
सोम, 18 अक्टूबर 2032पूर्णिमारेवतीसुबह 7:33 – सुबह 8:59
मंगल, 19 अक्टूबर 2032प्रतिपदाअश्विनीदोपहर 2:42 – शाम 4:08
बुध, 20 अक्टूबर 2032द्वितीयाभरणीसुबह 11:50 – दोपहर 1:16
गुरु, 21 अक्टूबर 2032तृतीयाकृत्तिकादोपहर 1:15 – दोपहर 2:41
शुक्र, 22 अक्टूबर 2032चतुर्थीरोहिणीसुबह 10:25 – सुबह 11:50

सामान्य प्रश्न

शनि, 16 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 9:49 तक।

शनि, 16 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 2:27 तक।

शनि, 16 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 8:58 – सुबह 10:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 16 अक्टूबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:06 और सूर्यास्त शाम 5:36 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।