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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 18 सितंबर 2032

शनि, 18 सितंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र शतभिषा, योग सुकर्मा और करण गर है। राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:28 है।

सूर्योदय
तड़के 5:53
सूर्यास्त
शाम 6:06
तिथि
चतुर्दशी · शाम 6:44 तक
नक्षत्र
शतभिषा · शाम 6:57 तक
योग
सुकर्मा
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:56 – सुबह 10:28
यमगंड
दोपहर 1:31 – दोपहर 3:03
गुलिक काल
तड़के 5:53 – सुबह 7:24
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:29 – दोपहर 12:17
अमृत काल
दोपहर 2:17 – दोपहर 3:49

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आज लखनऊ में

शनि, 18 सितंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:53 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र शतभिषा, योग सुकर्मा और करण गर है। राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:28 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 19 सितंबर 2032पूर्णिमापूर्वा भाद्रपदशाम 4:34 – शाम 6:05
सोम, 20 सितंबर 2032प्रतिपदाउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:25 – सुबह 8:56
मंगल, 21 सितंबर 2032द्वितीयारेवतीदोपहर 3:01 – शाम 4:32
बुध, 22 सितंबर 2032तृतीयाअश्विनीसुबह 11:58 – दोपहर 1:29
गुरु, 23 सितंबर 2032पंचमीभरणीदोपहर 1:28 – दोपहर 2:59
शुक्र, 24 सितंबर 2032षष्ठीकृत्तिकासुबह 10:27 – सुबह 11:57

सामान्य प्रश्न

शनि, 18 सितंबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; शाम 6:44 तक।

शनि, 18 सितंबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; शाम 6:57 तक।

शनि, 18 सितंबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 18 सितंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:53 और सूर्यास्त शाम 6:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।