सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 11 सितंबर 2032

शनि, 11 सितंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र विशाखा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:29 है।

सूर्योदय
तड़के 5:50
सूर्यास्त
शाम 6:14
तिथि
षष्ठी · दोपहर 12:41 तक
नक्षत्र
विशाखा · सुबह 6:11 तक
योग
इन्द्र
करण
तैतिल
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:56 – सुबह 10:29
यमगंड
दोपहर 1:35 – दोपहर 3:08
गुलिक काल
तड़के 5:50 – सुबह 7:23
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
अमृत काल
दोपहर 2:22 – दोपहर 3:55

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

शनि, 11 सितंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:50 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र विशाखा, योग इन्द्र और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:29 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 12 सितंबर 2032सप्तमीअनुराधाशाम 4:40 – शाम 6:13
सोम, 13 सितंबर 2032अष्टमीज्येष्ठासुबह 7:23 – सुबह 8:56
मंगल, 14 सितंबर 2032नवमीमूलदोपहर 3:06 – शाम 4:39
बुध, 15 सितंबर 2032दशमीउत्तराषाढ़ादोपहर 12:01 – दोपहर 1:33
गुरु, 16 सितंबर 2032द्वादशीश्रवणदोपहर 1:32 – दोपहर 3:04
शुक्र, 17 सितंबर 2032त्रयोदशीधनिष्ठासुबह 10:28 – दोपहर 12:00

सामान्य प्रश्न

शनि, 11 सितंबर 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; दोपहर 12:41 तक।

शनि, 11 सितंबर 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र विशाखा है; सुबह 6:11 तक।

शनि, 11 सितंबर 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:29 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 11 सितंबर 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:50 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।