सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, गुरु, 22 जुलाई 2032

गुरु, 22 जुलाई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग इन्द्र और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:35 है।

सूर्योदय
तड़के 5:25
सूर्यास्त
शाम 6:59
तिथि
पूर्णिमा · रात 12:21 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · सुबह 9:11 तक
योग
इन्द्र
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:54 – दोपहर 3:35
यमगंड
तड़के 5:25 – सुबह 7:07
गुलिक काल
सुबह 8:49 – सुबह 10:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
अमृत काल
सुबह 11:21 – दोपहर 1:03

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

गुरु, 22 जुलाई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग इन्द्र और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:35 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 23 जुलाई 2032प्रतिपदाउत्तराषाढ़ासुबह 10:31 – दोपहर 12:12
शनि, 24 जुलाई 2032द्वितीयाधनिष्ठासुबह 8:49 – सुबह 10:31
रवि, 25 जुलाई 2032तृतीयाशतभिषाशाम 5:16 – शाम 6:57
सोम, 26 जुलाई 2032चतुर्थीपूर्वा भाद्रपदसुबह 7:09 – सुबह 8:50
मंगल, 27 जुलाई 2032पंचमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 3:34 – शाम 5:15
बुध, 28 जुलाई 2032सप्तमीरेवतीदोपहर 12:12 – दोपहर 1:53

सामान्य प्रश्न

गुरु, 22 जुलाई 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; रात 12:21 तक।

गुरु, 22 जुलाई 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; सुबह 9:11 तक।

गुरु, 22 जुलाई 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:54 – दोपहर 3:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 22 जुलाई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:25 और सूर्यास्त शाम 6:59 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।