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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शुक्र, 9 जुलाई 2032

शुक्र, 9 जुलाई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुष्य, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:28 – दोपहर 12:11 है।

सूर्योदय
तड़के 5:19
सूर्यास्त
रात 7:03
तिथि
द्वितीया · रात 11:58 तक
नक्षत्र
पुष्य · रात 9:44 तक
योग
व्याघात
करण
बालव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:28 – दोपहर 12:11
यमगंड
दोपहर 3:37 – शाम 5:20
गुलिक काल
सुबह 7:02 – सुबह 8:45
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:37 – दोपहर 12:25
अमृत काल
दोपहर 1:02 – दोपहर 2:45

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आज लखनऊ में

शुक्र, 9 जुलाई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:19 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र पुष्य, योग व्याघात और करण बालव है। राहु काल सुबह 10:28 – दोपहर 12:11 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 10 जुलाई 2032तृतीयाआश्लेषासुबह 8:45 – सुबह 10:28
रवि, 11 जुलाई 2032चतुर्थीमघाशाम 5:20 – रात 7:03
सोम, 12 जुलाई 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 7:03 – सुबह 8:46
मंगल, 13 जुलाई 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 3:37 – शाम 5:19
बुध, 14 जुलाई 2032षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:12 – दोपहर 1:54
गुरु, 15 जुलाई 2032सप्तमीहस्तदोपहर 1:54 – दोपहर 3:37

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 9 जुलाई 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 11:58 तक।

शुक्र, 9 जुलाई 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; रात 9:44 तक।

शुक्र, 9 जुलाई 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 10:28 – दोपहर 12:11 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 9 जुलाई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:19 और सूर्यास्त रात 7:03 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।