दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, मंगल, 29 जून 2032
मंगल, 29 जून 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग आयुष्मान और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:36 – शाम 5:20 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:15
- सूर्यास्त
- रात 7:04
- तिथि
- सप्तमी · रात 8:35 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · दोपहर 12:26 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- विष्टि
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:36 – शाम 5:20
- यमगंड
- सुबह 8:42 – सुबह 10:26
- गुलिक काल
- दोपहर 12:09 – दोपहर 1:53
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
- अमृत काल
- सुबह 7:50 – सुबह 9:34
आज लखनऊ में
मंगल, 29 जून 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग आयुष्मान और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:36 – शाम 5:20 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 30 जून 2032 | अष्टमी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 12:09 – दोपहर 1:53 |
| गुरु, 1 जुलाई 2032 | नवमी | रेवती | दोपहर 1:53 – दोपहर 3:37 |
| शुक्र, 2 जुलाई 2032 | दशमी | अश्विनी | सुबह 10:26 – दोपहर 12:10 |
| शनि, 3 जुलाई 2032 | एकादशी | भरणी | सुबह 8:43 – सुबह 10:27 |
| रवि, 4 जुलाई 2032 | द्वादशी | कृत्तिका | शाम 5:20 – रात 7:04 |
| सोम, 5 जुलाई 2032 | त्रयोदशी | रोहिणी | सुबह 7:01 – सुबह 8:44 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 29 जून 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 8:35 तक।
मंगल, 29 जून 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; दोपहर 12:26 तक।
मंगल, 29 जून 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल दोपहर 3:36 – शाम 5:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 29 जून 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:15 और सूर्यास्त रात 7:04 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।