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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, सोम, 3 मई 2032

सोम, 3 मई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र श्रवण, योग शुभ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:05 – सुबह 8:44 है।

सूर्योदय
तड़के 5:26
सूर्यास्त
शाम 6:40
तिथि
अष्टमी · सुबह 8:23 तक
नक्षत्र
श्रवण · तड़के 5:41 तक
योग
शुभ
करण
कौलव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:05 – सुबह 8:44
यमगंड
सुबह 10:24 – दोपहर 12:03
गुलिक काल
दोपहर 1:42 – दोपहर 3:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
अमृत काल
सुबह 6:15 – सुबह 7:55

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आज लखनऊ में

सोम, 3 मई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र श्रवण, योग शुभ और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:05 – सुबह 8:44 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 4 मई 2032नवमीशतभिषादोपहर 3:21 – शाम 5:01
बुध, 5 मई 2032एकादशीपूर्वा भाद्रपददोपहर 12:03 – दोपहर 1:42
गुरु, 6 मई 2032द्वादशीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:42 – दोपहर 3:22
शुक्र, 7 मई 2032त्रयोदशीरेवतीसुबह 10:23 – दोपहर 12:02
शनि, 8 मई 2032चतुर्दशीअश्विनीसुबह 8:42 – सुबह 10:22
रवि, 9 मई 2032अमावस्याभरणीशाम 5:03 – शाम 6:43

सामान्य प्रश्न

सोम, 3 मई 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; सुबह 8:23 तक।

सोम, 3 मई 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; तड़के 5:41 तक।

सोम, 3 मई 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 7:05 – सुबह 8:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 3 मई 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:26 और सूर्यास्त शाम 6:40 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।