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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, गुरु, 25 मार्च 2032

गुरु, 25 मार्च 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग धृति और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:20
तिथि
चतुर्दशी · तड़के 4:51 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · रात 11:10 तक
योग
धृति
करण
गर
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16
यमगंड
सुबह 6:04 – सुबह 7:36
गुलिक काल
सुबह 9:08 – सुबह 10:40
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
अमृत काल
सुबह 11:26 – दोपहर 12:58

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आज लखनऊ में

गुरु, 25 मार्च 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग धृति और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 26 मार्च 2032पूर्णिमाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:39 – दोपहर 12:11
शनि, 27 मार्च 2032पूर्णिमाहस्तसुबह 9:06 – सुबह 10:39
रवि, 28 मार्च 2032प्रतिपदाचित्राशाम 4:49 – शाम 6:21
सोम, 29 मार्च 2032द्वितीयास्वातीसुबह 7:32 – सुबह 9:05
मंगल, 30 मार्च 2032तृतीयाविशाखादोपहर 3:16 – शाम 4:49
बुध, 31 मार्च 2032चतुर्थीविशाखादोपहर 12:10 – दोपहर 1:43

सामान्य प्रश्न

गुरु, 25 मार्च 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; तड़के 4:51 तक।

गुरु, 25 मार्च 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 11:10 तक।

गुरु, 25 मार्च 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:44 – दोपहर 3:16 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 25 मार्च 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:20 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।