दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, शुक्र, 20 फ़रवरी 2032
शुक्र, 20 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:39 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:54 – दोपहर 12:20 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:39
- सूर्यास्त
- शाम 6:01
- तिथि
- दशमी · रात 1:03 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · रात 11:33 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- तैतिल
- वार
- शुक्रवार
- राहु काल
- सुबह 10:54 – दोपहर 12:20
- यमगंड
- दोपहर 3:10 – शाम 4:35
- गुलिक काल
- सुबह 8:04 – सुबह 9:29
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:51 – दोपहर 12:39
- अमृत काल
- दोपहर 1:02 – दोपहर 2:28
आज लखनऊ में
शुक्र, 20 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:39 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:54 – दोपहर 12:20 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शनि, 21 फ़रवरी 2032 | एकादशी | आर्द्रा | सुबह 9:29 – सुबह 10:54 |
| रवि, 22 फ़रवरी 2032 | द्वादशी | पुनर्वसु | शाम 4:36 – शाम 6:02 |
| सोम, 23 फ़रवरी 2032 | द्वादशी | पुष्य | सुबह 8:02 – सुबह 9:28 |
| मंगल, 24 फ़रवरी 2032 | त्रयोदशी | पुष्य | दोपहर 3:11 – शाम 4:37 |
| बुध, 25 फ़रवरी 2032 | चतुर्दशी | आश्लेषा | दोपहर 12:19 – दोपहर 1:45 |
| गुरु, 26 फ़रवरी 2032 | पूर्णिमा | मघा | दोपहर 1:45 – दोपहर 3:12 |
सामान्य प्रश्न
शुक्र, 20 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि दशमी है; रात 1:03 तक।
शुक्र, 20 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 11:33 तक।
शुक्र, 20 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल सुबह 10:54 – दोपहर 12:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शुक्र, 20 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:39 और सूर्यास्त शाम 6:01 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।