सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, बुध, 11 फ़रवरी 2032

बुध, 11 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र धनिष्ठा, योग व्यतीपात और करण नाग है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:44 है।

सूर्योदय
सुबह 6:45
सूर्यास्त
शाम 5:55
तिथि
अमावस्या · सुबह 11:54 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · रात 1:51 तक
योग
व्यतीपात
करण
नाग
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:20 – दोपहर 1:44
यमगंड
सुबह 8:09 – सुबह 9:33
गुलिक काल
सुबह 10:56 – दोपहर 12:20
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
अमृत काल
सुबह 10:15 – सुबह 11:38

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

बुध, 11 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र धनिष्ठा, योग व्यतीपात और करण नाग है। राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:44 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 12 फ़रवरी 2032प्रतिपदाशतभिषादोपहर 1:44 – दोपहर 3:08
शुक्र, 13 फ़रवरी 2032तृतीयापूर्वा भाद्रपदसुबह 10:56 – दोपहर 12:20
शनि, 14 फ़रवरी 2032चतुर्थीउत्तरा भाद्रपदसुबह 9:32 – सुबह 10:56
रवि, 15 फ़रवरी 2032पंचमीरेवतीशाम 4:33 – शाम 5:57
सोम, 16 फ़रवरी 2032षष्ठीअश्विनीसुबह 8:06 – सुबह 9:31
मंगल, 17 फ़रवरी 2032सप्तमीभरणीदोपहर 3:09 – शाम 4:34

सामान्य प्रश्न

बुध, 11 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 11:54 तक।

बुध, 11 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; रात 1:51 तक।

बुध, 11 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 12:20 – दोपहर 1:44 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 11 फ़रवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:45 और सूर्यास्त शाम 5:55 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।