सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, शनि, 31 जनवरी 2032

शनि, 31 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शोभन और करण बव है। राहु काल सुबह 9:36 – सुबह 10:57 है।

सूर्योदय
सुबह 6:52
सूर्यास्त
शाम 5:46
तिथि
चतुर्थी · रात 3:43 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · सुबह 10:35 तक
योग
शोभन
करण
बव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:36 – सुबह 10:57
यमगंड
दोपहर 1:41 – दोपहर 3:03
गुलिक काल
सुबह 6:52 – सुबह 8:14
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:52 – दोपहर 12:40
अमृत काल
दोपहर 2:22 – दोपहर 3:44

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

शनि, 31 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:52 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग शोभन और करण बव है। राहु काल सुबह 9:36 – सुबह 10:57 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 1 फ़रवरी 2032पंचमीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:25 – शाम 5:47
सोम, 2 फ़रवरी 2032षष्ठीहस्तसुबह 8:13 – सुबह 9:35
मंगल, 3 फ़रवरी 2032षष्ठीचित्रादोपहर 3:04 – शाम 4:26
बुध, 4 फ़रवरी 2032सप्तमीस्वातीदोपहर 12:20 – दोपहर 1:42
गुरु, 5 फ़रवरी 2032अष्टमीविशाखादोपहर 1:42 – दोपहर 3:05
शुक्र, 6 फ़रवरी 2032नवमीअनुराधासुबह 10:57 – दोपहर 12:20

सामान्य प्रश्न

शनि, 31 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 3:43 तक।

शनि, 31 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; सुबह 10:35 तक।

शनि, 31 जनवरी 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 9:36 – सुबह 10:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 31 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:52 और सूर्यास्त शाम 5:46 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।