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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, गुरु, 1 जनवरी 2032

गुरु, 1 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र आश्लेषा, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:28 – दोपहर 2:46 है।

सूर्योदय
सुबह 6:54
सूर्यास्त
शाम 5:24
तिथि
तृतीया · सुबह 6:20 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · रात 10:51 तक
योग
Vishkumbha
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:28 – दोपहर 2:46
यमगंड
सुबह 6:54 – सुबह 8:13
गुलिक काल
सुबह 9:32 – सुबह 10:50
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 11:30 – दोपहर 12:48

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आज लखनऊ में

गुरु, 1 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:54 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र आश्लेषा, योग Vishkumbha और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:28 – दोपहर 2:46 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 2 जनवरी 2032चतुर्थीमघासुबह 10:51 – दोपहर 12:09
शनि, 3 जनवरी 2032पंचमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:32 – सुबह 10:51
रवि, 4 जनवरी 2032षष्ठीउत्तरा फाल्गुनीशाम 4:07 – शाम 5:26
सोम, 5 जनवरी 2032सप्तमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 8:14 – सुबह 9:33
मंगल, 6 जनवरी 2032अष्टमीहस्तदोपहर 2:49 – शाम 4:08
बुध, 7 जनवरी 2032नवमीचित्रादोपहर 12:12 – दोपहर 1:31

सामान्य प्रश्न

गुरु, 1 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; सुबह 6:20 तक।

गुरु, 1 जनवरी 2032 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; रात 10:51 तक।

गुरु, 1 जनवरी 2032 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:28 – दोपहर 2:46 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 1 जनवरी 2032 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:54 और सूर्यास्त शाम 5:24 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।