सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, गुरु, 27 नवंबर 2031

गुरु, 27 नवंबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र भरणी, योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:13 – दोपहर 2:33 है।

सूर्योदय
सुबह 6:34
सूर्यास्त
शाम 5:12
तिथि
चतुर्दशी · रात 3:53 तक
नक्षत्र
भरणी · रात 11:10 तक
योग
व्यतीपात
करण
गर
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:13 – दोपहर 2:33
यमगंड
सुबह 6:34 – सुबह 7:54
गुलिक काल
सुबह 9:14 – सुबह 10:33
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:26 – दोपहर 12:14
अमृत काल
सुबह 11:13 – दोपहर 12:33

पूरा पंचांग खोलें

आज लखनऊ में

गुरु, 27 नवंबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र भरणी, योग व्यतीपात और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:13 – दोपहर 2:33 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 28 नवंबर 2031पूर्णिमाकृत्तिकासुबह 10:34 – सुबह 11:53
शनि, 29 नवंबर 2031प्रतिपदारोहिणीसुबह 9:15 – सुबह 10:34
रवि, 30 नवंबर 2031प्रतिपदामृगशिरादोपहर 3:53 – शाम 5:12
सोम, 1 दिसंबर 2031द्वितीयाआर्द्रासुबह 7:56 – सुबह 9:16
मंगल, 2 दिसंबर 2031तृतीयाआर्द्रादोपहर 2:33 – दोपहर 3:53
बुध, 3 दिसंबर 2031चतुर्थीपुनर्वसुसुबह 11:55 – दोपहर 1:14

सामान्य प्रश्न

गुरु, 27 नवंबर 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 3:53 तक।

गुरु, 27 नवंबर 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; रात 11:10 तक।

गुरु, 27 नवंबर 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:13 – दोपहर 2:33 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 27 नवंबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:34 और सूर्यास्त शाम 5:12 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।