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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, मंगल, 11 नवंबर 2031

मंगल, 11 नवंबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग इन्द्र और करण बालव है। राहु काल दोपहर 2:33 – दोपहर 3:55 है।

सूर्योदय
सुबह 6:22
सूर्यास्त
शाम 5:17
तिथि
एकादशी · सुबह 6:02 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · दोपहर 1:20 तक
योग
इन्द्र
करण
बालव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 2:33 – दोपहर 3:55
यमगंड
सुबह 9:06 – सुबह 10:28
गुलिक काल
सुबह 11:50 – दोपहर 1:11
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
अमृत काल
सुबह 8:25 – सुबह 9:47

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आज लखनऊ में

मंगल, 11 नवंबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग इन्द्र और करण बालव है। राहु काल दोपहर 2:33 – दोपहर 3:55 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 12 नवंबर 2031द्वादशीहस्तसुबह 11:50 – दोपहर 1:11
गुरु, 13 नवंबर 2031त्रयोदशीचित्रादोपहर 1:11 – दोपहर 2:33
शुक्र, 14 नवंबर 2031अमावस्यास्वातीसुबह 10:28 – सुबह 11:50
शनि, 15 नवंबर 2031प्रतिपदाविशाखासुबह 9:07 – सुबह 10:29
रवि, 16 नवंबर 2031द्वितीयाअनुराधादोपहर 3:54 – शाम 5:15
सोम, 17 नवंबर 2031तृतीयाज्येष्ठासुबह 7:47 – सुबह 9:08

सामान्य प्रश्न

मंगल, 11 नवंबर 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; सुबह 6:02 तक।

मंगल, 11 नवंबर 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; दोपहर 1:20 तक।

मंगल, 11 नवंबर 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 2:33 – दोपहर 3:55 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 11 नवंबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:22 और सूर्यास्त शाम 5:17 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।