दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, बुध, 1 अक्टूबर 2031
बुध, 1 अक्टूबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:55 – दोपहर 1:25 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:58
- सूर्यास्त
- शाम 5:53
- तिथि
- प्रतिपदा · रात 10:52 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · सुबह 6:33 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- बालव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:55 – दोपहर 1:25
- यमगंड
- सुबह 7:27 – सुबह 8:57
- गुलिक काल
- सुबह 10:26 – सुबह 11:55
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:26 – दोपहर 12:14
- अमृत काल
- सुबह 9:41 – सुबह 11:11
आज लखनऊ में
बुध, 1 अक्टूबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:58 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग वृद्धि और करण बालव है। राहु काल सुबह 11:55 – दोपहर 1:25 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 2 अक्टूबर 2031 | द्वितीया | रेवती | दोपहर 1:24 – दोपहर 2:53 |
| शुक्र, 3 अक्टूबर 2031 | तृतीया | अश्विनी | सुबह 10:26 – सुबह 11:55 |
| शनि, 4 अक्टूबर 2031 | चतुर्थी | भरणी | सुबह 8:57 – सुबह 10:26 |
| रवि, 5 अक्टूबर 2031 | पंचमी | कृत्तिका | शाम 4:20 – शाम 5:48 |
| सोम, 6 अक्टूबर 2031 | षष्ठी | रोहिणी | सुबह 7:29 – सुबह 8:57 |
| मंगल, 7 अक्टूबर 2031 | सप्तमी | मृगशिरा | दोपहर 2:50 – शाम 4:18 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 1 अक्टूबर 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; रात 10:52 तक।
बुध, 1 अक्टूबर 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; सुबह 6:33 तक।
बुध, 1 अक्टूबर 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल सुबह 11:55 – दोपहर 1:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 1 अक्टूबर 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:58 और सूर्यास्त शाम 5:53 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।