दैनिक पंचांग
लखनऊ पंचांग, रवि, 2 मार्च 2031
रवि, 2 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:07 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:29
- सूर्यास्त
- शाम 6:07
- तिथि
- नवमी · रात 1:30 तक
- नक्षत्र
- मृगशिरा · रात 3:22 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- बालव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:40 – शाम 6:07
- यमगंड
- दोपहर 12:18 – दोपहर 1:45
- गुलिक काल
- दोपहर 3:13 – शाम 4:40
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:49 – दोपहर 12:37
- अमृत काल
- दोपहर 1:02 – दोपहर 2:29
आज लखनऊ में
रवि, 2 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:29 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:07 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 3 मार्च 2031 | दशमी | आर्द्रा | सुबह 7:56 – सुबह 9:23 |
| मंगल, 4 मार्च 2031 | एकादशी | आर्द्रा | दोपहर 3:13 – शाम 4:41 |
| बुध, 5 मार्च 2031 | एकादशी | पुनर्वसु | दोपहर 12:17 – दोपहर 1:45 |
| गुरु, 6 मार्च 2031 | द्वादशी | पुष्य | दोपहर 1:45 – दोपहर 3:13 |
| शुक्र, 7 मार्च 2031 | त्रयोदशी | आश्लेषा | सुबह 10:49 – दोपहर 12:17 |
| शनि, 8 मार्च 2031 | चतुर्दशी | मघा | सुबह 9:20 – सुबह 10:48 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 2 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 1:30 तक।
रवि, 2 मार्च 2031 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 3:22 तक।
रवि, 2 मार्च 2031 को लखनऊ में राहु काल कब है?
लखनऊ में राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:07 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 2 मार्च 2031 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:29 और सूर्यास्त शाम 6:07 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।