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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, सोम, 16 दिसंबर 2030

सोम, 16 दिसंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र मघा, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:06 – सुबह 9:24 है।

सूर्योदय
सुबह 6:47
सूर्यास्त
शाम 5:15
तिथि
षष्ठी · शाम 4:58 तक
नक्षत्र
मघा · रात 7:01 तक
योग
Vishkumbha
करण
वणिज
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 8:06 – सुबह 9:24
यमगंड
सुबह 10:43 – दोपहर 12:01
गुलिक काल
दोपहर 1:20 – दोपहर 2:38
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
सुबह 7:27 – सुबह 8:45

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आज लखनऊ में

सोम, 16 दिसंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र मघा, योग Vishkumbha और करण वणिज है। राहु काल सुबह 8:06 – सुबह 9:24 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 17 दिसंबर 2030सप्तमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:39 – दोपहर 3:57
बुध, 18 दिसंबर 2030अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:02 – दोपहर 1:21
गुरु, 19 दिसंबर 2030नवमीहस्तदोपहर 1:21 – दोपहर 2:39
शुक्र, 20 दिसंबर 2030दशमीचित्रासुबह 10:45 – दोपहर 12:03
शनि, 21 दिसंबर 2030एकादशीस्वातीसुबह 9:27 – सुबह 10:45
रवि, 22 दिसंबर 2030द्वादशीविशाखादोपहर 3:59 – शाम 5:18

सामान्य प्रश्न

सोम, 16 दिसंबर 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 4:58 तक।

सोम, 16 दिसंबर 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 7:01 तक।

सोम, 16 दिसंबर 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 8:06 – सुबह 9:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 16 दिसंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:47 और सूर्यास्त शाम 5:15 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।