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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, सोम, 18 नवंबर 2030

सोम, 18 नवंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग शुक्ल और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:48 – सुबह 9:09 है।

सूर्योदय
सुबह 6:27
सूर्यास्त
शाम 5:14
तिथि
अष्टमी · रात 2:23 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · सुबह 10:42 तक
योग
शुक्ल
करण
बालव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:48 – सुबह 9:09
यमगंड
सुबह 10:30 – सुबह 11:51
गुलिक काल
दोपहर 1:12 – दोपहर 2:32
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:24 – दोपहर 12:12
अमृत काल
सुबह 7:08 – सुबह 8:29

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आज लखनऊ में

सोम, 18 नवंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र आश्लेषा, योग शुक्ल और करण बालव है। राहु काल सुबह 7:48 – सुबह 9:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 19 नवंबर 2030नवमीमघादोपहर 2:32 – दोपहर 3:53
बुध, 20 नवंबर 2030दशमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 11:51 – दोपहर 1:12
गुरु, 21 नवंबर 2030एकादशीउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 1:12 – दोपहर 2:32
शुक्र, 22 नवंबर 2030द्वादशीहस्तसुबह 10:31 – सुबह 11:52
शनि, 23 नवंबर 2030त्रयोदशीचित्रासुबह 9:12 – सुबह 10:32
रवि, 24 नवंबर 2030चतुर्दशीस्वातीदोपहर 3:52 – शाम 5:13

सामान्य प्रश्न

सोम, 18 नवंबर 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; रात 2:23 तक।

सोम, 18 नवंबर 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; सुबह 10:42 तक।

सोम, 18 नवंबर 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल सुबह 7:48 – सुबह 9:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 18 नवंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।