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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, रवि, 6 अक्टूबर 2030

रवि, 6 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग अतिगण्ड और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:19 – शाम 5:47 है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 5:47
तिथि
दशमी · शाम 5:33 तक
नक्षत्र
श्रवण · रात 1:13 तक
योग
अतिगण्ड
करण
तैतिल
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:19 – शाम 5:47
यमगंड
सुबह 11:54 – दोपहर 1:22
गुलिक काल
दोपहर 2:50 – शाम 4:19
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:24 – दोपहर 12:12
अमृत काल
दोपहर 12:38 – दोपहर 2:06

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आज लखनऊ में

रवि, 6 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र श्रवण, योग अतिगण्ड और करण तैतिल है। राहु काल शाम 4:19 – शाम 5:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 7 अक्टूबर 2030एकादशीधनिष्ठासुबह 7:29 – सुबह 8:57
मंगल, 8 अक्टूबर 2030द्वादशीशतभिषादोपहर 2:49 – शाम 4:17
बुध, 9 अक्टूबर 2030त्रयोदशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:53 – दोपहर 1:21
गुरु, 10 अक्टूबर 2030चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:20 – दोपहर 2:48
शुक्र, 11 अक्टूबर 2030पूर्णिमारेवतीसुबह 10:25 – सुबह 11:52
शनि, 12 अक्टूबर 2030प्रतिपदाअश्विनीसुबह 8:58 – सुबह 10:25

सामान्य प्रश्न

रवि, 6 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; शाम 5:33 तक।

रवि, 6 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 1:13 तक।

रवि, 6 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल शाम 4:19 – शाम 5:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 6 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 5:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।