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दैनिक पंचांग

लखनऊ पंचांग, गुरु, 5 सितंबर 2030

गुरु, 5 सितंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग Vishkumbha और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:39 – दोपहर 3:13 है।

सूर्योदय
तड़के 5:47
सूर्यास्त
शाम 6:22
तिथि
अष्टमी · दोपहर 2:23 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · रात 11:37 तक
योग
Vishkumbha
करण
बव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:39 – दोपहर 3:13
यमगंड
तड़के 5:47 – सुबह 7:21
गुलिक काल
सुबह 8:56 – सुबह 10:30
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:33 – दोपहर 12:21
अमृत काल
सुबह 11:17 – दोपहर 12:51

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आज लखनऊ में

गुरु, 5 सितंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग Vishkumbha और करण बव है। राहु काल दोपहर 1:39 – दोपहर 3:13 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल लखनऊ के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

लखनऊ – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 6 सितंबर 2030नवमीमूलसुबह 10:30 – दोपहर 12:04
शनि, 7 सितंबर 2030दशमीपूर्वाषाढ़ासुबह 8:56 – सुबह 10:30
रवि, 8 सितंबर 2030एकादशीउत्तराषाढ़ाशाम 4:45 – शाम 6:18
सोम, 9 सितंबर 2030द्वादशीश्रवणसुबह 7:22 – सुबह 8:56
मंगल, 10 सितंबर 2030चतुर्दशीधनिष्ठादोपहर 3:09 – शाम 4:43
बुध, 11 सितंबर 2030पूर्णिमाशतभिषादोपहर 12:02 – दोपहर 1:35

सामान्य प्रश्न

गुरु, 5 सितंबर 2030 को लखनऊ में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 2:23 तक।

गुरु, 5 सितंबर 2030 को लखनऊ में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; रात 11:37 तक।

गुरु, 5 सितंबर 2030 को लखनऊ में राहु काल कब है?

लखनऊ में राहु काल दोपहर 1:39 – दोपहर 3:13 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 5 सितंबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।